Wednesday, 20 December 2017


दोस्तों, इंतज़ार और ऐतबार भी प्यार का ही एक रूप है! इंतज़ार ही प्यार की असली ताक़त का इम्तिहान होता है, जब दो दिल मोहब्बत में धड़कते हैं तब यही इंतज़ार तो होता है जो दोनों को जोड़े रखता है, एक आस जगाता है आस बंधाता है... यही है जो सच्चे प्रेम की प्रमाणिकता सिद्ध करता है क्यूंकि जो इंतज़ार का स्वाद नहीं चख सकता फिर वो सच्ची मोहब्बत भी नहीं कर सकता ! ऐसी ही एक इंतज़ार, विश्वास और आस में डूबी कविता (बेचैन मोहब्बत...से) प्रस्तुत करता हूँ दोस्तों... 
आशा करता हूँ आपके दिल को जरूर छुएगी, अगर छुए तो हौसला अफजाई चाहूंगा दोस्तों... अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर दीजियेगा... 
साथ ही उनके साथ शेयर कीजियेगा जो इसे पढ़कर ख़ुशी का अनुभव करेंगे... 
धन्यवाद !

!! इंतज़ार !!

 !!  अब घड़िया इंतज़ार में कटेंगी
हर लम्हा हर पल तेरे प्यार में कटेंगी
      तेरी यादों को बनाना है पूजा     
   आँसुए आरती का सामान बनेंगी







                                      









पलकों पे छाई उदासी रहेगी
होठों की मुस्कुराहट भी फरेब होगी
हर तड़प में तेरी आहट होगी
आँखे भीगी और साँसे भी जुदा होंगी




                                 हर पल इंतज़ार होगा आँखों में
                                                            उस पल का जिसमें तुझसे बातें होंगी
                                                                      तुम मेरे सामने होगी
                             पर चाहत तुझे देखने की ख़त्म ना होगी




        पल-पल की बेरूख़ी भी हमारी होगी
   वो एहसास, वो लम्हे और वो बातें भी हमारी होगी
      तुम्हारी हर धड़कन पर नाम हमारा होगा
           और तुम्हारी हर धड़कन भी हमारी होगी !!



*- Ajay Loving…